Friday, 16 March 2012

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ माँ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

उप्पर जिसका अंत नहीं,
उसे आसमां कहेते है,
सारे जगत से प्यारी वो जननी,
जिसका कभी अंत नहीं,
उसे माँ कहेते है !

~~ सदा बहार ~~ 

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