Saturday, 8 October 2011

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ जब में नौ साल की थी ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

जब में नौ साल की थी तब मेरी माँ ने मुझसे पूछा था,
की बेटा तुम बड़े होकर क्या बनना चाहते हो ?,
माँ मुझसे बहुत प्यार करती थी,
तो मेने कहा माँ से की मुझे बड़ा होकर जोकर बनना है,
क्यूंकि माँ कभी - कभी अकेले बैठे नाजाने किस बात पे रोती थी.
माँ को हसाने के लिए में कभी - कबी जोकर बनकर माँ को हसाती थी,
माँ को हस्ते देख में खुश होती थी जो मुझे अच्छा लगता था,
इसलिए मैंने सोचा था की में बड़ा होकर जोकर बनकर माँ को खुश रखूंगी,
माँ ज़िन्दगी भर हस्ते रहे यही चाहती थी में.

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ माँ बहुत खुबसूरत हो तुम ~ ~ ~ ~ ~ ~

माँ बहुत खुबसूरत हो तुम,
एकदम नेचर के नज़दीक,
दो नैना नीर बहाएंगे,
हम तुमको भुला न पाएंगे,
मौसम आयेंगे - जायेंगे ज़िन्दगी में,
तुमसी माँ कही न मिलेगी,
जब तरंग के तरह और एवर ग्रीन के तरह ब्यूटिफुल बने रहो,सदा हस्ते और सबको हसाते रहो.

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ माँ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

माँ दिन -प्रतिदिन व्यस्त रहने लगी,
जिस दिन अधिक व्यस्त होती थी माँ,
चढ़ जाता था मुझे बुखार,
ताकि वह सारे काम छोड़ कर,
दोड़ी आए मेरे पास,
सहलाते रहे मेरा सिर,
और करती रहे मुझे प्यार,
में नित नए बहाने करती,
और मेरी माँ नित नए नुस्खें,
अलग - अलग तरीकों से उतारती नज़र,
कभी तेल व बाती लिए,
तो कभी नमक व राई लिए आती,
किसी ओझा के भुत भगाओ मन्त्रों की तरह,
न जाने क्या - क्या बुदबुदाती,
मेरी एक चिक पर,
तैतीस करोड़ देवी - देवता याद आते थे उसे,
और मुझे उसकी गोद में सारा ब्रम्हांड,
प्रार्थनाओं का अर्थ नहीं समझाती थी वह,
पर अपनी निषछल भावनाओं से,
मेरी हर नादान ख्वाहिश की,
पूरा करने का सामर्थ रखती थी,
इस तरह मेरा झूठा बीमार होना तक,
गौरवान्वित करता था मुझे,
अब जबकि में जानती हूँ,
की मेरे बहानों को भी सच समझकर,
आसमां धरती पे उठा लेने वाली माँ अब नहीं है,
फिर भी उन आदतों की आदत से परेशान हूँ में,
आज उन हाथों की छूअन को ढूंढ़ती हूँ,
जो सारे कामों को छोड़कर मेरा सिर सहलाती थी,
और वो नज़र,झड - फूंक,प्रार्थनाएं,
जो केवल अपनी आस्था व प्यार के कारण असर दिखाती थी,
बेशक वो सब आज नहीं है,
पर उसकी दुआओं का असर,
मेरी साँसों में ज़िन्दगी बनकर धारक रहा है,
माँ का याद पल - पल सता रहा है.

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ Jai Mata Di ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

Shraddha Or Vishvaas Se,
Teri Jyot Jalaaun Maa.

Maa Tera Hi Hai Aasraa,
Tere Hi Gun Gaaun.

Maa Teri Adbhut Gaat Ko,
Padhun Me Nishchay Dhar.

Saakshaat Darshan Karun Maa,
Tere Jagat Aadhaar Pe.

Man Chanchal Se Baad Ki,
Samay Jo Agwan Hoye.

Deti Apni Daya Se Maa Ambika,
Maangna Naa Koi.

Mein Anjaan Malin Maan,
Naa Jaanu Koi Rit.

Aat Paat Vani Ko Hi Maa,
Samjho Meri Prit.

Chaman Ke Awgun Bahut Hai,
Karna Nahi Dhyaan.

Singhaavaahini Maa Ambike,
Karo Maa Jag Ka Kalyaan.

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ तुम हमको भूल जाओ माँ ~ ~ ~ ~ ~ ~

आज हम याद आएँ कल भूल जाएँ,
कभी न हंस पाएं न रोपाएं,
हम हाले दिल क्या बताएं,
माँ कहिये कैसे हम मुस्कुराएँ,
जब दिल हेर पल यादों का,
हर धड़कन गीत गुनगुनाये,
चाह नहीं अब ए ज़िन्दगी,
हम कुछ खो जाएँ या पाजाएँ,
माँ हम तुमको याद आएँ ?
तुम हमको भूल जाओ !!

गुजरा जीवन गुजरें लोग,
रिश्तों की अब बदली सोंच,
नहीं रहा अब मन में संकोच,
रिश्तों का जब तन में संतोष,
सुख दुःख का सब गठजोड़,
रिश्तों का अब जोड़ पे जोड़,
मर जाता जीवन बेजोड़,
पत्थर चाहे हर तोड़ पे तोड़,
माँ हम तुमको याद आएँ ?
तुम हमको भूल जाओ !!

गुजरा प्यार गुजरा संसार,
मिट गए सपनें माटी के भाव,
फिर कैसा रहता दिल में लगाव,
जीवन हर पल बहता एक बहाव,
रिश्तों का हर पल नया पड़ाव,
गुजरें रिश्तें गुजरें नातें गुजरी बातें,
करनी अब नए कल की बातें,
भूल चुकी में तेरी यादें,
माँ हम तुमको याद आएँ ?
तुम हमको भूल जाओ !! 

यादें न दिल से जाती है न दिल की हो पाती है,
बस दिल में रहकर दिल को जलाती है,
रिश्तों में डूब जाएँ तो रास्ते भी जीवन को बहुत कुछ दे जाती है,
हर कदम पर जीवन भी एक नयी शुरुआत है,
यादें की सभी खोये मन में क्या औकात है ? 

~ ~ सदा बहार ~ ~ 
माँ छब केते है में बउत मोता हु,
आप मुझे किया खिलाती हो ??

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ Maa Ki Dua ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

Jannat Nazir Hai Meri Maa,
Rehmat Ki Tasvir Hai Meri Maa,
Me Ek Khwaab Hoon Zindagi Ka,
Jiski Tabbir Hai Meri Maa,
Zindagi Ki Mushkil Raahon Me,
Mashaal - E - Raah Hai Meri Maa,
Mere Her Gum,
Her Dard Me Ek Naya Josh Hai Meri Maa,
Meri Her Naakaami Wabista Hai Mujhse,
Meri Her Kaamyaabi Ka Raaz Hai Meri Maa,
Chupa Leti Hai Wo Zakhm Ko Marham Ki Tarah,
Mere Dard Ki Dawa Hai Meri Maa,
Dunyaan Me Nahi Koi Badal Iska,
Mamta Me Hai Mukammil Meri Maa.

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

~ ~ ~ You'll Be In My Heart Forever ~ ~ ~

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ जय माता दी ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

माँ की ज्योत से नूर मिलता है,
सबके दिलों को सुरूर मिलता है,
जो भी जाता है माता के द्वार,
उसे कुछ न कुछ ज़रूर मिलता है.

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ Goodness Of A Mother ~ ~ ~ ~ ~

"The Fragrance Of Flower Spreads Only In The Direction Of The Wind,
But The Goodness Of A Mother Spreads In All Direction."

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ Smart Student ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

In Exam A Student Was Given To Write An Essay On Mother,A Smart Child Wrote;
"Combination Of Millions Words From 26 Alphabets Can Never Expess My Loving Mom."

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...