Monday, 20 May 2013

अनमोल धन



माता- पिता को ही भगवान समझे,
माता-पिता की सेवा ही भगवान् का सेवा है,

दुनिया में कोई धन है तो माँ और बाप,
माँ बाप से बड़ा धन कोई और नहीं,

१).पापा कहते है "बेटा पढाई करके,
कुछ बनो" तो बुरा लगता है पर, 
यही बात जब गर्लफ्रेंड कहती है,
तो लगता है केयर करती है,

२). गर्लफ्रेंड के लिए माँ-बाप से झूठ,
बोलते है, पर माँ-बाप के लिए,
गर्लफ्रेंड से झूठ,क्यूँ नहीं ?

३.) गर्लफ्रेंड से शादी के लिए माँ,
पापा को छोड़ देते है, पर माँ,
पापा के लिए गर्लफ्रेंड को क्यूँ नहीं ?

४ ) गर्लफ्रेंड से रोज रात में,देर राततक हा हा ही, 
करते है मोबाईल से पूछते है,
खाना खाया की नहीं या कितनी रोटी खाई,
पर क्या आज तक ये बात माँ-पापा से पूछी है?

५).गर्लफ्रेंड की एक कसम से सिगरेट,
छूट जाती है, पर पापा के बार,
बार कहने से क्यूँ नहीं ?

कृपया अपने माँ-बाप की हर बात,
माने और उनकी केयर करे,
माँ पापा अपने बच्चे से कुछ नहीं मांगते है,
सिर्फ कहते है की अछे से पढ़ लिखकर, 
इंसान बनो और अपना नाम रोशन करो, 

माँ बाप रात रात जागकर ,
पने बच्चे का ध्यान रखते है, 
लेकिन कोई गर्ल फ्रेंड,
रात रात जागकर ऐसे सेवा नहीं कर सकती,
वो तो कहेगी डार्लिंग अब में थक गयी मुझे सोने दो, 

माता पिता को ही भगवान् समझे,
माता पिता की सेवा ही भगवन का सेवा है,

माँ बाप अपने बच्चे से कोई उम्मीद नहीं करते, 
स्वयं भूखा रह कर बच्चे को खिलते पिलाते है,
हज़ारों दुःख दर्द को सहेन करके,
 माँ अपने बच्चे को सीने से लगाकर,

आंधी तूफ़ान से बचाती है अपने आँचल से ढाक कर,
ताकि बुढापे में वो सहारे बनेगा अपने माँ बाप का,
वही बच्चा बड़ा हो कर माँ से पूछता है,
की तुमने मेरे लिए आजतक क्या किया है ?

माँ अगर नौ महीने अपने कोख में सुरक्षित न राखी होती और अपना, दूध न पिलाई होती तो आज तुम इस दुनिया में न होते,
और न ही अपनी गर्ल फ्रेंड से लम्बी बाते कर पते मोबाइल से,

माँ ने तुम्हे जन्म देकर अपना दूध पिलाकर इसलिए बड़ा किया था, ताकि तुम बड़ा होकर अपने माँ बाप का सहारा बनोगे और उनका नाम रोशन करोगे कुछ बन कर, 

माता पिता को ही भगवान् समझे,
माता पिता की सेवा ही भगवन का सेवा है,
दोस्तों और ये सबको बताये और समझाए,
क्या पता आपकी बात उसके समझ में आ जाये ?

अपने को माहोल ही ऐसा बनाना है की हर,
बच्चा अपने माता पिता को ही भगवान समझे,
और माता-पिता की सेवा ही भगवान् का सेवा है,
दुनिया में कोई धन है तो माँ और बाप,
माँ बाप से बड़ा धन कोई और नहीं |

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

Thursday, 21 June 2012


माँ मेरी माँ

 माँ बनकर ये जाना मैंने,
 माँ की ममता क्या होती है,
 जब नन्हे-नन्हे नाज़ुक हाथों से ,
 तेरे स्पर्श से पाया मेने ,
 जग में सबसे सुंदर होती है माँ
 माँ की मूरत केसी होती है॥
 अब जाना मेने तुम्हे पाकर
 उन आँखों में मेरा बचपन,
 तुम्हें निहारा करती थी. . .
 तस्वीर माँ की होती थी,
 माँ बनकर ये जाना मैंने,

 माँ की ममता क्या होती है॥
 जब मीठी-मीठी प्यारी बातें,
 कानों में मधुर स्वर लेहेराते थे,
 नटखट मासूम अदाओं से,
 तंग मुझे जब करते थे. . .
 पकड़ के आँचल के साये,
 तुम्हें छुपाया करती थी. . .
 उस फैले आँचल में भी,
 यादें माँ की होती थी. . .

 माँ बनकर ये जाना मैंने,
 माँ की ममता क्या होती है॥
 देखा तुमको सीढ़ी दर सीढ़ी,
 अपने कद से ऊँचे होते,
 छोड़ हाथ मेरा जब तुम भीचले कदम बढ़ाते यों,
 हो खुशी से पागल मै,
 तुम्हें पुकारा करती थी,
 कानों में तब माँ की बातें,
 पल-पल गूँजा करती थी. . .

 माँ बनकर ये जाना मैनें,
 माँ की ममता क्या होती है॥
 आज चले जब मुझे छोड़,
 झर-झर आँसू बहते हैं,
 रहे सलामत मेरे बच्चे,
 हर-पल ये ही कहते हैं,
 फूले-फले खुश रहे सदा,
 यही दुआएँ करती हूँ. . .
 मेरी हर दुआ में शामिल,
 दुआएँ माँ की होती हैं. . .
 माँ बनकर ये जाना मैंने,
 माँ की ममता क्या होती है॥

 सदा बहार

,,,,,,,,,,, अम्मा,,,,,,,,,,,,,

 सारे रिश्ते नाते झूटे निकले
 जेठ के दुपहर अम्मा निकली
 गर्म हवा आतिश अंगारे
 झरना दरिया झील समंदर
 भीनी सी पुरवाई अम्मा !
 घर के झीने रिश्ते मैंने,
 हर सिक्षा का हर गुण ग्यानी
 अम्मा जैसी कोई न मिले,
 लाखों बार उधडते देखे,
 चुपके-चुपके कर देती थी
 जाने कब तुरपाई अम्मा!!
 अम्मा का हृदये कमल सा लगा,
 दुःख दर्द सब मिट जाता था
 सबसे प्यारी सबसे न्यारी है हमारी अम्मा !!



 ,,,,,,,,,,,,,,सदा बहार ,,,,,,,,,,

~ हर नारी को अपनी शक्ति समझें और निः स्वार्थ प्रेम बनाए रखिये ~



नारी 

मैं जो भी शाएरी/लेख लिखती हूँ और शेयर करती हूँ, 
वो दर्शकों को चेतावनी देने के लिए है,
की श्री राधे और कृष्ण जी को जिस तरह श्रद्धा करते है हम,
ठीक उसी तरह हमे नारियों को भी श्रद्धा करना चाहिए, 
आखिर हम इन्ही नारियों से दुनिया में आये है, 
समाज कहते है की नारी आगे बढ़ो,
फिर वही समाज नारी को आगे बढ़ते हुए देख नहीं सकता,
अकेले निकले तो परेशानी,अँधेरे रास्तें से गुजरे तो खेर नहीं,
अगर नारी सुन्दर हो तो भी मुश्किल और बदसूरत हो तब भी मुश्किल,
दिन ब दिन नारियों के उप्पर अत्याचार बढ़ता चला जा रहा है,
जन्म से लेकर मृत्यु तक नारी कही से भी महफूज़ नहीं है,

हमारे देश में प्यार मोहोब्बत का जो सिलसिला है,
वो हर घर - घर में होती है,
नारी को प्यार के जाल में फसाया जाता है,
या फिर कम उम्र में विवाह कर दिया जाता है,
किसी कारण से नारी को बातों - बातों में ताना दिया जाता है, 
मारा जाता है और जला दिया जाता है, 
या मजबूर करते है मरने के लिए या फिर मार दिया जाता है, 
माँ न बन सके तो कुलटा कह कर धिक्कार किया जाता है,
और बेटा पैदा न हो तो माँ को बेटी समेत मार दिया जाता है,
हमारे भारत का यही कल्चर बन गया है,

हम अपने द्वारा कोशिश करते है की,
आप सभी मेरे लेख को अच्छी तरह से पढ़े और समझे,
श्री राधे और कृष्ण जी के निः स्वार्थ प्रेम के आधार पर चलने की कोशिश करें,
हर नारी को अपनी शक्ति समझें और उसे प्यार करें,
और राधा रानी के तरह श्रद्धा करें और उसे पूंजे,
नारी को पुन्जना मतलब भगवान् की पूजा करना,
नारी ही लक्ष्मी है नारी ही माँ है और जगत जननी है,
हम और आप इसी नारी से है,

जिनके कारण आज हम इस दुनिया में आये है,
नारी को प्यार करिए और उनके आँखों से अश्क कभी बहने न दीजिये,
श्री राधा और कृष्ण जी जैसे एक निः स्वार्थ प्रेम पाइए और आगे बड़ाइए,
नारी हमारी अनमोल रत्न है इन्हें संभाल कर रखिये,
इनके तकलीफों को अपनी तकलीफ समझिये,
एक नारी की तकलीफें पुरूष नहीं समझ सकता,
नारी अपने परिवार के लिए अपना जीवन दाव पे लगा देती है,
सुबह से शाम कुल्लू के घनी के तरह पिसती है,
सिर्फ एक प्यार के खातिर और थोड़ी सी सुख के लिए,
नारी कभी किसी से कुछ नहीं मांगती है लेकिन अपना सब कुछ लुटा देती है । 

 जय श्री राधे कृष्ण 

 सदा बहार 

Friday, 16 March 2012

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ माँ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

उप्पर जिसका अंत नहीं,
उसे आसमां कहेते है,
सारे जगत से प्यारी वो जननी,
जिसका कभी अंत नहीं,
उसे माँ कहेते है !

~~ सदा बहार ~~ 

Monday, 12 March 2012

Ek Sachhi Kahani Dharti Maa Ki Iss Mitti ka Karz Ada Kerna

Mitti Me Hum Chalna Sikhe,
Apne Chote Paaon Se.
Mitti Hi Hume Jode Rakhti,
Apni Apni Maaon Se.

Mitti Paida Karti Sona,
Mitti Paida Karti Vir.
Jo Mitti Se Pyaar Karne,
Hota Nahi Kabhi Adhir.

Mitti Hi Hume Khel Khilaaye,
Bankar Khud Ek Khilona.
Mitti Kabhi Goud Ban Jaati,
Kabhi Ban Jaati Ek Bichona.

Mitti Hume Paal Poskar,
Maa Ka Farz Ada Kare.
Sachha Saput Vahi Jo,
Apni Mitti Ka Karz Ada Kare.

Chaliye Ab Hum Sab Maa Ke Sachhe Saput Bankar Iss Dharti Maa Ka Karz Ada Karein !

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

Saturday, 3 March 2012

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ माँ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~


एक बार माँ के ऊपर निबंध लिखकर लाना था दो पन्नों पर,
स्याही तो बहुत थी मेरे पास,
पर क्या लिखती में माँ के बारी में, 
पहला सिक्षा तो माँ ने ही दिया है मुझको, 
सहनशीलता की शिक्षा और धैर्य की परिभाषा सब माँ से ही सिखा था मैने, 
माँ के द्वारा दिया गया सिक्षा के आगे कोई और सिक्षा नहीं है, 
मैने कई बार पढ़ा था कुछ पुस्तकों में की माँ बच्चे की पहली पाठशाला होती है,
सही लिखा है पुस्तकों में,
पर हकीकत के दुनिया में पहला अक्षार माँ से ही मिलता है पड़ने को, 
हर सिक्षा हर भाषा और हर शब्द से अतुलनीय होती है माँ की बोली यानी शब्द " माँ "।

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ माँ का प्यार अतुलनीय ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~


गलती करने पर,
छिप जाया करती थी माँ के आँचल में,
हर रोज देखती थी में सपनों में माँ को, 
माँ का प्यार एक ऐसा पवित्र प्यार है,
जो किसी और प्यार में पवित्रता नहीं है,
जैसे पिता,दोस्त,आदी का प्यार, 
माँ के प्यार में कोई छल कपट भी नज़र नहीं आता,  
गलती हो जाने पर भी,
माँ मुझको प्यार करते रहती थी,
सभी बच्चे माँ के दुलारे होते है, 
दुनिया में माँ का प्यार अतुलनीय है, 
माँ के प्यार के आगे भगवान् स्वयं भी झुक जाते है ।

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ कैसे बनाऊं में माँ की तस्वीर ~ ~ ~ ~ ~ ~


उलझती जा रही हूँ में अपने ज़िन्दगी के लकीरों में,
सपनों में आई हुई माँ की तस्वीर,
में कैसे बनाऊं ?
हर रंगों में उलझी हुई हूँ में, 
माँ के स्नेह का कोई सपना ही आ जाए,
बीते हुए सपनों को में देख आयी,
फिर भी सुलझे न रंगों की समस्या, 
जहाँ चोट लगने पर भी माँ के स्नेह का निशाँ था, 
घंटो रोई थी में सपनों में,
माँ तो आती थी बार -बार, 
माँ के चेहेरे नज़र आ रहे थे,  
फिर भी में उन लकीरों और रंगों में उलझी हुई हूँ,
हर रोज आड़ी तिरछी रेखाए बनाती रही में माँ के शब्दों के, 
पर माँ की तस्वीर को लेकर रंगों से आज तक में उलझी हुई हूँ,
कैसे बनाऊं में माँ की तस्वीर ।

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

Saturday, 29 October 2011

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ९ बेटें और १ माँ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

माँ की दुआ खाली नहीं जाती
माँ की बददुआ टाली नहीं जाती, 
बर्तन मांजकर भी माँ ९ बच्चे पाल लेती है
लेकिन दुल्हन आने के बाद ९ बेटों से भी १ माँ पाली नहीं जाती |

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

Tuesday, 18 October 2011

~ ~ ~ ~ ~ ~ Mother,I Love You ~ ~ ~ ~ ~ ~

Mother,I Love You !!
For All That You Do,
I'll Kiss You And Hug You,
Because You Love Me,Too.
You Feed Me And Need Me,
To Teach You To Play,
So Smile Because I Love You.

~ ~ Sadah Bahar ~ ~

~ Meri Pyaar Ke List Me Maa Ka Naam ~

Meri Pyaar Ki List Me Hai Sirf Maa Ka Naam,
Leti Hoon Me Naam Maa Ka Subaha Shaam,
Selection Ki Bhi List Me Hai Sirf Maa Ka Naam,
Kabhi Na Bhul Paaungi Me Maa Ka Naam,
Tum Hi Meri Maa Or Meri Dost Ho,
Mera Pyaar Humesha Tumhaare Saath Ho.

~ ~ Sadah Bahar ~ ~

Saturday, 8 October 2011

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ जब में नौ साल की थी ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

जब में नौ साल की थी तब मेरी माँ ने मुझसे पूछा था,
की बेटा तुम बड़े होकर क्या बनना चाहते हो ?,
माँ मुझसे बहुत प्यार करती थी,
तो मेने कहा माँ से की मुझे बड़ा होकर जोकर बनना है,
क्यूंकि माँ कभी - कभी अकेले बैठे नाजाने किस बात पे रोती थी.
माँ को हसाने के लिए में कभी - कबी जोकर बनकर माँ को हसाती थी,
माँ को हस्ते देख में खुश होती थी जो मुझे अच्छा लगता था,
इसलिए मैंने सोचा था की में बड़ा होकर जोकर बनकर माँ को खुश रखूंगी,
माँ ज़िन्दगी भर हस्ते रहे यही चाहती थी में.

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ माँ बहुत खुबसूरत हो तुम ~ ~ ~ ~ ~ ~

माँ बहुत खुबसूरत हो तुम,
एकदम नेचर के नज़दीक,
दो नैना नीर बहाएंगे,
हम तुमको भुला न पाएंगे,
मौसम आयेंगे - जायेंगे ज़िन्दगी में,
तुमसी माँ कही न मिलेगी,
जब तरंग के तरह और एवर ग्रीन के तरह ब्यूटिफुल बने रहो,सदा हस्ते और सबको हसाते रहो.

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ माँ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

माँ दिन -प्रतिदिन व्यस्त रहने लगी,
जिस दिन अधिक व्यस्त होती थी माँ,
चढ़ जाता था मुझे बुखार,
ताकि वह सारे काम छोड़ कर,
दोड़ी आए मेरे पास,
सहलाते रहे मेरा सिर,
और करती रहे मुझे प्यार,
में नित नए बहाने करती,
और मेरी माँ नित नए नुस्खें,
अलग - अलग तरीकों से उतारती नज़र,
कभी तेल व बाती लिए,
तो कभी नमक व राई लिए आती,
किसी ओझा के भुत भगाओ मन्त्रों की तरह,
न जाने क्या - क्या बुदबुदाती,
मेरी एक चिक पर,
तैतीस करोड़ देवी - देवता याद आते थे उसे,
और मुझे उसकी गोद में सारा ब्रम्हांड,
प्रार्थनाओं का अर्थ नहीं समझाती थी वह,
पर अपनी निषछल भावनाओं से,
मेरी हर नादान ख्वाहिश की,
पूरा करने का सामर्थ रखती थी,
इस तरह मेरा झूठा बीमार होना तक,
गौरवान्वित करता था मुझे,
अब जबकि में जानती हूँ,
की मेरे बहानों को भी सच समझकर,
आसमां धरती पे उठा लेने वाली माँ अब नहीं है,
फिर भी उन आदतों की आदत से परेशान हूँ में,
आज उन हाथों की छूअन को ढूंढ़ती हूँ,
जो सारे कामों को छोड़कर मेरा सिर सहलाती थी,
और वो नज़र,झड - फूंक,प्रार्थनाएं,
जो केवल अपनी आस्था व प्यार के कारण असर दिखाती थी,
बेशक वो सब आज नहीं है,
पर उसकी दुआओं का असर,
मेरी साँसों में ज़िन्दगी बनकर धारक रहा है,
माँ का याद पल - पल सता रहा है.

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ Jai Mata Di ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

Shraddha Or Vishvaas Se,
Teri Jyot Jalaaun Maa.

Maa Tera Hi Hai Aasraa,
Tere Hi Gun Gaaun.

Maa Teri Adbhut Gaat Ko,
Padhun Me Nishchay Dhar.

Saakshaat Darshan Karun Maa,
Tere Jagat Aadhaar Pe.

Man Chanchal Se Baad Ki,
Samay Jo Agwan Hoye.

Deti Apni Daya Se Maa Ambika,
Maangna Naa Koi.

Mein Anjaan Malin Maan,
Naa Jaanu Koi Rit.

Aat Paat Vani Ko Hi Maa,
Samjho Meri Prit.

Chaman Ke Awgun Bahut Hai,
Karna Nahi Dhyaan.

Singhaavaahini Maa Ambike,
Karo Maa Jag Ka Kalyaan.

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ तुम हमको भूल जाओ माँ ~ ~ ~ ~ ~ ~

आज हम याद आएँ कल भूल जाएँ,
कभी न हंस पाएं न रोपाएं,
हम हाले दिल क्या बताएं,
माँ कहिये कैसे हम मुस्कुराएँ,
जब दिल हेर पल यादों का,
हर धड़कन गीत गुनगुनाये,
चाह नहीं अब ए ज़िन्दगी,
हम कुछ खो जाएँ या पाजाएँ,
माँ हम तुमको याद आएँ ?
तुम हमको भूल जाओ !!

गुजरा जीवन गुजरें लोग,
रिश्तों की अब बदली सोंच,
नहीं रहा अब मन में संकोच,
रिश्तों का जब तन में संतोष,
सुख दुःख का सब गठजोड़,
रिश्तों का अब जोड़ पे जोड़,
मर जाता जीवन बेजोड़,
पत्थर चाहे हर तोड़ पे तोड़,
माँ हम तुमको याद आएँ ?
तुम हमको भूल जाओ !!

गुजरा प्यार गुजरा संसार,
मिट गए सपनें माटी के भाव,
फिर कैसा रहता दिल में लगाव,
जीवन हर पल बहता एक बहाव,
रिश्तों का हर पल नया पड़ाव,
गुजरें रिश्तें गुजरें नातें गुजरी बातें,
करनी अब नए कल की बातें,
भूल चुकी में तेरी यादें,
माँ हम तुमको याद आएँ ?
तुम हमको भूल जाओ !! 

यादें न दिल से जाती है न दिल की हो पाती है,
बस दिल में रहकर दिल को जलाती है,
रिश्तों में डूब जाएँ तो रास्ते भी जीवन को बहुत कुछ दे जाती है,
हर कदम पर जीवन भी एक नयी शुरुआत है,
यादें की सभी खोये मन में क्या औकात है ? 

~ ~ सदा बहार ~ ~ 
माँ छब केते है में बउत मोता हु,
आप मुझे किया खिलाती हो ??

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ Maa Ki Dua ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

Jannat Nazir Hai Meri Maa,
Rehmat Ki Tasvir Hai Meri Maa,
Me Ek Khwaab Hoon Zindagi Ka,
Jiski Tabbir Hai Meri Maa,
Zindagi Ki Mushkil Raahon Me,
Mashaal - E - Raah Hai Meri Maa,
Mere Her Gum,
Her Dard Me Ek Naya Josh Hai Meri Maa,
Meri Her Naakaami Wabista Hai Mujhse,
Meri Her Kaamyaabi Ka Raaz Hai Meri Maa,
Chupa Leti Hai Wo Zakhm Ko Marham Ki Tarah,
Mere Dard Ki Dawa Hai Meri Maa,
Dunyaan Me Nahi Koi Badal Iska,
Mamta Me Hai Mukammil Meri Maa.

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

~ ~ ~ You'll Be In My Heart Forever ~ ~ ~

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ जय माता दी ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

माँ की ज्योत से नूर मिलता है,
सबके दिलों को सुरूर मिलता है,
जो भी जाता है माता के द्वार,
उसे कुछ न कुछ ज़रूर मिलता है.

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ Goodness Of A Mother ~ ~ ~ ~ ~

"The Fragrance Of Flower Spreads Only In The Direction Of The Wind,
But The Goodness Of A Mother Spreads In All Direction."

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ Smart Student ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

In Exam A Student Was Given To Write An Essay On Mother,A Smart Child Wrote;
"Combination Of Millions Words From 26 Alphabets Can Never Expess My Loving Mom."

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

Thursday, 6 October 2011

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ A Mother's Joy ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~


A Mother's Joy Begins When New Life Is Stirring Inside,When A Tiny Heartbeat Is Heard For The Very First Time,And A Playful Kick Reminds Her That She Is Never Alone.

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ माँ के आँखों में आंसू ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

माँ के आँखों से आंसू आने लगे,

दो आँखें लिए चले थे हम,

माँ के साथ आँख मिचोली खेलने,

में जित न पाई माँ से,

माँ शर्त ही ऐसी लगाने लगी,

अपनी प्यारी सी आँखों को मेरी आँखों से लड़ाने लगी,

में शायद जीत भी जाती,

पर पलक मैंने तब झपकाई,

जब माँ की आँखों से आंसू आने लगे.

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

~ ~ ~ ~ ~ MEANING OF MOTHER ~ ~ ~ ~ ~

M:For The Million Things She Gave Me.
O:For She Is Growing Old. 
T:For The Tears She Shed To Save Me.
H:For Her Heart Of Purest Gold.
E:For Her Eyes Love Lighting Shine.
R:For She Is Right And Always.

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

Wednesday, 5 October 2011

~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ Maa ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~ ~

Kar Sumiran,Le Mata Ko Pukaar,
Maa Ke - Chit Charnon Me Laga Janm Le Sudhaar,
Chaaron Dishaa Ki Tu Hai Paalak - Maa Karegi Meri Jag Se Uddhaar,
Bin Daya Bhaav Maa,Kaise Teri Kab Hogi Maa Meri Beda Paar,
De "Sadah" Ko Aashivaad Maa Man Me Rahe Sadah Tere Vichaar.

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...